मंगलवार, नवम्बर 21, 2017

City Development Plan of Shahgarh नगर विकास योजना

शहर विकास योजना (सी.डी.पी.) किसी शहर के भावी विकास के लिए एक परिदृश्य तथा एक विजन दोनों ही हैं। ये शहर के विकास की मौजूदा अवस्था को, अर्थात अभी हम कहां पर हैं? को प्रस्तुत करती है। ये परिवर्तनों के निर्देशों अर्थात हम शहर को कहां ले जाना चाहते हैं, को निर्धारित करता है। यह उन प्रणोदी की पहचान करता है कि हमारी वे कौन सी जरूरतें हैं जिनका पता हमें प्राथमिकता के आधार पर लगाना है? ये हमें वैकल्पिक रास्ते नीतियों उन दखल अन्दाजियों को भी सुझाता है जिनसे कि परिवर्तन लाया जा सकता है कि इस विजन को प्राप्त करने के लिए हमें कौनसी दखल अंदाजी करनी है? जिसके भीतर रह कर हम पहचान की जाने वाली जरूरतों तथा उनके कार्यान्वयन को प्रोजेक्ट करते हैं। ये हमें निवेश निर्णयों का मूल्यांकन करने के लिए एवं तार्किक तथा सुसंगत फ्रेमवर्क संस्थापित करती है।

City Development Plan of Shahgarh नगर का लक्ष्य

शहर में गतिशीलता पैटर्न को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ व्यापार एवं वाणिज्य की गतिविधियों को मज़बूत बनाते हुए शहर शाहगढ़ को क्षेत्रीय आर्थिक केन्द्र के रूप में विकसित करना। भौतिक गुणवत्ता एवं सामाजिक बुनियादी ढांचे के प्रावधान के माध्यम से नागरिकों को जीवन की अच्छी गुणवत्ता हेतु प्रोत्साहित किया जाना।
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City Development Plan of Shahgarh City's Vision

To transform Shahgarh into regional economic hub by strengthening the trade and commerce activities with encouraging mobility pattern in the town. The good quality of life to its citizens shall be encouraged through provision of quality physical and social infrastructure.
ये शहर विकास योजना आर्थकि रूप से उत्पादक, कुशल, उचित तथा अनुकूल शहरों के सृजन हेतु जवाहर लाल नेहरू शहरी नवीकरण मिशन (JNnURM) के लक्ष्यों पर आश्रित हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक उपाय के रूप में ये सीडीपी आर्थिक तथा सामाजिक अवसंरचनाओं के विकास तथा उन नीतियों पर प्रकाश डालती है जो खासतौर से शहरी गरीबों को प्रभावित करने वाले मुद्दों से संबंधित हैं, नगर निगम सरकारों को मजबूत करते हैं, और उनके वित्तीय लेखाकरण तथा बजटीय सिस्टमों व प्रक्रियाओं को बल देते हैं और जवाब देही तथा पारदर्शिता बरतने के लिए नियमों के सृजन करते हैं तथा कानूनी व दूसरी उन अड़चनों के विलापन जो भूमि तथा आवासीय बाजारों का दमन करते हैं। यह उन शहरी क्षेत्र के सुधारों को अपनाने के लिए जो कि सीधे ही शहर आधारित अवसंरचनाओं में निवेश करने में मदद करते हैं, शहरों को एक आधार प्रदान करती है।

टिप्पणी : किसी भी शहर के लिए यह अनिवार्य है कि वह उसके भावी विकास के लिए सिलसिलेवार सोचे और यह निर्धारित करे कि उसका भावी स्वरूप कैसा होना चाहिए।
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